Aayushman Card Kaise Banaen-2023 आयुष्मान भारत योजना से उज्जैन के इन लोगों की गंभीर बीमारियों का सफल इलाज किया गया, इलाज के बाद इन लोगों के चेहरे पर आई मुस्कान, मोदी जी को धन्यवाद दिया
Aayushman Card Kaise Banaen-2023 केन्द्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना से पूरे देश में लाखों लोगों का निशुल्क सफल इलाज हो रहा है। आज आपको मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के लोगों ने जो अपनी गंभीर बीमारी का सफल इलाज करवाया है। आज उनसे जानते है कि किन बीमारी का इलाज निशुल्क उन लोगों ने करवाया है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में लगभग5 लाख तक का इलाज प्रतिवर्ष निशुल्क करवा सकते है। इन गंभीर बीमारियों का इलाज निशुल्क करवा सकते है कोरोना, कैंसर, गुर्दा रोग, हृदय रोग, डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया डायलिसिस, घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण, नि:संतानता, मोतियाबिंद और अन्य चिह्नित गंभीर बीमारियों का नि:शुल्क उपचार इस योजना के तहत किया जाता है।
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हृदय रोग से ग्रस्त ताराचन्द का सफल ऑपरेशन हुआ (Aayushman Card Kaise Banaen-2023)
Aayushman Card Kaise Banaen-2023 उज्जैन जिले की तराना तहसील के ग्राम डेलची के श्री ताराचन्द पिता श्री रामलाल प्रजापति उम्र 55 वर्ष जो किसानी का कार्य करते हैं एवं जो गरीब परिवार से हैं, हमेशा सीने में दर्द एवं स्वास्थ्य में निरन्तर खराबी के कारण परेशान रहते थे। चूंकि ताराचन्द मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं, (Aayushman Card Kaise Banaen-2023) मजदूरी के दौरान वह हमेशा थकान एवं अस्वस्थ्य महसूस करने लगे। इनके द्वारा स्थानीय स्तर पर उपचार प्राप्त किया, परन्तु स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो रहा था। निरन्तर स्वास्थ्य खराबी के कारण वे मजदूरी करने में असमर्थ से हो गये, जिस कारण इनकी आर्थिक भी गड़बड़ाने लगी एवं परिवार पर आर्थिक एवं मानसिक संकट आने लगा, जिस कारण ताराचन्द का परिवार हताश व निराश रहने लगा। ताराचन्द के परिवार वालों ने ताराचन्द की बीमारी के स्थाई उपचार हेतु निजी अस्पताल में जांच करवाई। जांच में पाया कि ताराचन्द गंभीर हृदय रोग से ग्रस्त हैं। यदि इनका एक माह के भीतर ही ऑपरेशन नहीं करवाया गया तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं। हृदय के ऑपरेशन का खर्च लगभग डेढ़ से दो लाख रूपये आयेगा। यह सुनकर ताराचन्द के परिवार वाले बेहद चिंतित हो गये कि वे गरीब हैं और इतने सारे रूपये की व्यवस्था तत्काल कैसे कर पायेंगे।
Aayushman Card Kaise Banaen-2023 यह बात जब गांव के ही किसी रिश्तेदार को पता चली तो उन्होंने ताराचन्द के परिवारवालों को बताया कि सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना चलाई जा रही है, जिसमें गरीब परिवार का 5 लाख रूपये तक का उपचार प्रायवेट में किसी भी अस्पताल में करवाया जा सकता है, जिससे प्रेरित होकर ताराचन्द के परिवार वाले ताराचन्द को लेकर जिला चिकित्सालय उज्जैन पहुंचे, जहां पर चिकित्सक द्वारा ताराचन्द का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनको आयुष्मान कक्ष में पहुंचाया। यहां पर आयुष्मान मित्र द्वारा तत्काल उनका आयुष्मान कार्ड बनाकर हृदय के ऑपरेशन हेतु पंजीयन कर सभी प्रकार की आवश्यक कार्यवाही तत्काल की एवं ताराचन्द को इन्दौर के प्रायवेट अस्पताल अरविन्दो हॉस्पिटल इन्दौर में भर्ती होने हेतु भेज दिया। चिकित्सकों की टीम द्वारा ताराचन्द के हृदय का सफल ऑपरेशन किया गया। हृदय के ऑपरेशन का खर्च शासन द्वारा आयुष्मान भारत निरामयम योजना के अन्तर्गत वहन किया गया। ऑपरेशन के पश्चात ताराचन्द को डिस्चार्ज कर दिया गया एवं नियमित फालोअप लिया जा रहा है। अब ताराचन्द पूर्ण रूप से स्वस्थ्य हैं। आयुष्मान भारत योजना के कारण ताराचन्द को हृदय की गंभीर बीमारी से मुक्ति मिली। ताराचन्द एवं उनका परिवार अब बेहद खुश है कि ताराचन्द का निःशुल्क ऑपरेशन सरकार की महत्वाकांशी योजना के अन्तर्गत किया गया और परिवार का एक भी रूपया नहीं लगा।
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आयुष्मान योजना के माध्यम से हृदय रोग का नि:शुल्क इलाज हुआ (Aayushman Card Kaise Banaen-2023)
Aayushman Card Kaise Banaen-2023 उज्जैन शहर के बेगमबाग में रहने वाली जलीला की 70 वर्षीय सास हृदय रोग से पीड़ित थी। उन्हें कई बार सीने में दर्द की शिकायत रहती थी। जब जांच कराई तो पता चला कि हृदय की नलियों में ब्लॉकेज है। इसके इलाज का खर्चा बहुत अधिक आ रहा था। जलीला के परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी सुदृढ़ नहीं थी कि वे इलाज का खर्च वहन कर सके। आयुष्मान योजना के तहत उन्होंने अपनी सास का कार्ड बनवाया और उज्जैन चेरिटेबल अस्पताल में उनकी सास का नि:शुल्क इलाज प्रारम्भ हुआ। वर्तमान में वे पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं। उन्हें हृदय सम्बन्धी कोई शिकायत नहीं है। जलीला मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को इस योजना के लिये धन्यवाद देती हैं।

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ओम का पथरी का ऑपरेशन नि:शुल्क हुआ (Aayushman Card Kaise Banaen-2023)
Aayushman Card Kaise Banaen-2023 उज्जैन शहर के जयसिंहपुरा में रहने वाले ओम पांचाल को कुछ दिनों पहले पथरी हो गई थी। इस वजह से उन्हें बहुत परेशानी हो गई थी। ओम ने इसका बहुत इलाज कराया, परन्तु उन्हें आराम नहीं हुआ। इसके बाद इन्दौर में अस्पताल में दिखाने पर उन्हें बताया गया कि पथरी का ऑपरेशन करना होगा, जिसमें काफी खर्च आयेगा। उनकी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वे ऑपरेशन का खर्च उठा सकें। इसके पश्चात उन्हें आयुष्मान भारत योजना के बारे में जानकारी मिली। ओम ने आवेदन देकर आयुष्मान कार्ड बनाया और उज्जैन चेरिटेबल अस्पताल में जाकर योजना के माध्यम से नि:शुल्क ऑपरेशन करवाया। अब वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं। उन्हें कोई परेशानी नहीं है। इसके लिये वे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का धन्यवाद देते हैं।
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आयुष्मान भारत योजना सानिया के लिये बनी वरदान, जिस बीमारी के इलाज में 13 से 14 लाख का खर्च आ रहा था, शासन ने खर्च वहन कर मुफ्त इलाज (Aayushman Card Kaise Banaen-2023)
Aayushman Card Kaise Banaen-2023 उज्जैन जिले की महिदपुर तहसील में मोटर वाईडिंग का कार्य कर अपने परिवार को पालने वाले शाहिद मंसुरी निवासी-अयोध्या बस्ती महिदपुर अपनी बेटी सानिया के स्वास्थ्य को लेकर हमेशा चिन्तित रहते थे, कि उनकी बेटी अक्सर बीमार रहती है, जिस कारण वह सामान्य बच्चों की तरह जीवन नहीं जी पा रही थी और उसे पढ़ाई लिखाई करने मे भी अत्यंत परेशानी आ रही थी। अपनी बेटी के स्वास्थ्य को लेकर शाहिद निजी स्तर पर उपचार करवा लेते थे, परन्तु बार-बार बीमार होने के कारण वे हमेशा हताश व निराश रहने लगे। (Aayushman Card Kaise Banaen-2023) उनका काम-धंधे में भी मन नहीं लग पा रहा था। अपनी बेटी सानिया का स्वास्थ्य लगातार खराब होने के कारण वे उसे लेकर इलाज कराने हेतु अहमदाबाद ले गये जहां पर चिकित्सकों द्वारा बताया गया कि सानिया को इविंग सारकोमा नामक गंभीर बीमारी है। समय रहते इसका इलाज न करवाया तो परिणाम गंभीर हो सकते है। इस बीमारी के इलाज हेतु लगभग 13-14 लाख रूपये खर्च होंगे। यह सुनकर सानिया के परिवार वाले तहाश व निराश हो गये, चूंकि शाहिद मंसुरी की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। इतनी बड़ी राशि की व्यवस्था करना इनके लिये संभव नहीं था।
Aayushman Card Kaise Banaen-2023 सानिया के परिवार वालों को पता लगा कि आयुष्मान भारत योजना से उन्हें नि:शुल्क इलाज मिल सकता है। इस जानकारी के आधार पर वे उसे लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे जहां पर सानिया का तत्काल आयुष्मान कार्ड बनाया गया। सानिया का परिवार आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने हेतु पात्रता के सभी मापदण्ड पूर्ण करते हैं। आयुष्मान कार्ड बनाने के पश्चात उन्हें बताया कि सानिया का चिन्हित स्वास्थ्य संस्था अरविन्दो हॉस्पिटल इन्दौर ले जायें, जहां उसका उपचार हो जायेगा। सानिया को अरविन्दो अस्पताल में भर्ती कर उपचार प्रदान किया गया, जिसके फलस्वरूप सानिया गंभीर बीमारी इविंग सारकोमा को मात दे सकी। सानिया स्वस्थ्य हो चुकी है। वह सामान्य जीवन जी सकेगी। सानिया के परिवार वाले शासन की आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत निःशुल्क प्राप्त हुई सेवाओं के लिये शासन का आभार व्यक्त करते है।
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आयुष्मान योजना ने गोंसा के राजेश परमार का घर बिकने से रोका (Aayushman Card Kaise Banaen-2023)
Aayushman Card Kaise Banaen-2023 उज्जैन जिले के घट्टीया तहसील के ग्राम गोंसा के निवासी राजेश परमार का विगत दिनों एक्सीडेंट हुआ। परिवार के लोग उन्हें प्रायवेट अस्पताल में लेकर पहुंचे। वहां पर उनके उपचार के लिये डेढ़ से दो लाख रुपये की राशि लगेगी, ऐसी जानकारी मिली। राजेश घबरा गये। उनके पास इतनी धनराशि नहीं थी कि वे अपना निजी अस्पताल में इलाज करवा सकें। राजेश कहते हैं कि उन्हें अपना घर बेचने की नौबत आ गई थी। किसी परिचित ने कहा कि उनका नाम आयुष्मान योजना में हो सकता है, जाकर तलाश करते हैं। चेरिटेबल हॉस्पिटल में पता करने पर उनका आयुष्मान कार्ड बन गया और पूरा उपचार नि:शुल्क हुआ। आज राजेश स्वस्थ हैं और अपने परिवार का लालन-पालन कर रहे हैं। वे आयुष्मान योजना के लिये प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का कोटि-कोटि धन्यवाद करते हैं।

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एक्सीडेंट में आयुष्मान योजना सहारा बनी, नि:शुल्क इलाज हुआ, प्रायवेट में जाते तो 2 लाख लगते (Aayushman Card Kaise Banaen-2023)
Aayushman Card Kaise Banaen-2023 उज्जैन एक जनवरी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारम्भ की गई आयुष्मान योजना लोगों के लिये वरदान सिद्ध हो रही है। घट्टिया तहसील के ग्राम गोंसा निवासी श्री माधव सिंह का विगत दिनों एक्सीडेंट हो गया। उनके पास उपचार के लिये पैसे नहीं थे। निजी अस्पताल में जानकारी निकालने पर पता लगा कि उनके फ्रेक्चर के उपचार में कम से कम 2 लाख का खर्च आयेगा। माधव सिंह के परिसर उज्जैन चेरिटेबल हॉस्पिटल पहुंचे तथा आधार बताकर यहां उनका आयुष्मान कार्ड बनाया गया। आयुष्मान कार्ड के आधार पर माधव सिंह का उपचार हुआ और वे आज पूर्णत: स्वस्थ हैं। माधव सिंह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहते हैं कि यदि मुझे नि:शुल्क उपचार नहीं मिलता तो मुझ पर कर्ज चढ़ जाता। वे कहते हैं यह योजना गरीबों के लिये सहारा बनकर खड़ी है।

