Dhanteras Ki Pooja Kaise Karen 2026 धनतेरस का त्योहार कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान गणेश की पूजा का विधान है
Dhanteras Ki Pooja Kaise Karen 2026 दीपावली का पर्व धनतेरस से शुरू होता है। धनतेरस को धनत्रयोदशी और धन्वंतरि जयंती के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि जो व्यक्ति विधि विधान से धनतेरस की पूजा करता है, उसके घर में कभी धन की कमी नहीं रहती और पूरे साल सुख-समृद्धि बनी रहती है।
Dhanteras Ki Pooja Kaise Karen 2026 धनतेरस के दिन नई चीजें खरीदना शुभ माना जाता है। खासकर सोना, चांदी, बर्तन, झाड़ू और धनिया खरीदने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। लेकिन सिर्फ खरीदारी ही नहीं, पूजा की सही विधि जानना भी बहुत जरूरी है। अगर पूजा गलत तरीके से की जाए तो उसका पूरा फल नहीं मिलता। इसलिए आज हम आपको धनतेरस पूजा की पूरी विधि, मुहूर्त, सामग्री और नियम बता रहे हैं।
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धनतेरस 2026 का शुभ मुहूर्त (Dhanteras Ki Pooja Kaise Karen 2026)
Dhanteras Ki Pooja Kaise Karen 2026 धनतेरस का पर्व कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस बार धनतेरस पर पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में है। प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। पूजा के लिए घर के उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को सबसे शुभ माना जाता है। इस दिशा में ही पूजा की चौकी लगानी चाहिए। पूजा से पहले पूरे घर की अच्छे से सफाई कर लें। घर के मुख्य दरवाजे पर आम के पत्तों का तोरण लगाएं और रंगोली बनाएं।
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धनतेरस पूजा के लिए जरूरी सामग्री (Dhanteras Ki Pooja Kaise Karen 2026)
Dhanteras Ki Pooja Kaise Karen 2026 धनतेरस की पूजा के लिए आपको पहले से ही सारी सामग्री इकट्ठा करके रख लेनी चाहिए, ताकि पूजा के समय भागदौड़ न करनी पड़े। पूजा सामग्री में भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की मूर्ति या फोटो, भगवान गणेश की मूर्ति, कुबेर जी की फोटो, लाल कपड़ा, कलश, गंगाजल, पंचामृत के लिए दूध, दही, घी, शहद और शक्कर, अक्षत यानी बिना टूटे हुए
चावल, रोली, कुमकुम, हल्दी, चंदन, फूल, फूल माला, धूप, अगरबत्ती, कपूर, दीये, घी, तेल, रूई की बाती, नारियल, सुपारी, पान के पत्ते, लौंग, इलायची, बताशे, खील, खिलौने, मिश्री, फल, मिठाई, कमल गट्टा, कौड़ियां, गोमती चक्र, धनिया के बीज, सोने-चांदी के सिक्के, रुपये के नोट और नई खरीदी हुई चीजें रखनी चाहिए। अगर आपने धनतेरस पर नया बर्तन, सोना या झाड़ू खरीदा है तो उसे भी पूजा में जरूर रखें।
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जानिए धनतेरस पूजा की पूरी विधि (Dhanteras Ki Pooja Kaise Karen 2026)
Dhanteras Ki Pooja Kaise Karen 2026 धनतेरस पूजा की पूरी विधि इस प्रकार है:-
- स्नान और संकल्प- धनतेरस के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर पूजा का संकल्प लें। मन में कहें कि मैं धनतेरस की पूजा विधि विधान से कर रहा हूं, मुझे धन, सुख और आरोग्य की प्राप्ति हो।
- चौकी की स्थापना- पूजा स्थल पर एक साफ चौकी रखें। उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। बीच में भगवान गणेश, दाईं तरफ माता लक्ष्मी और बाईं तरफ भगवान धन्वंतरि की मूर्ति स्थापित करें। इसके सामने कुबेर जी की फोटो भी रखें।
- कलश स्थापना- एक तांबे या पीतल के कलश में गंगाजल भरें। उसमें एक सिक्का, सुपारी, अक्षत और दूर्वा डालें। ऊपर आम के 5 पत्ते रखें और नारियल रखें। इस कलश को चौकी के पास स्थापित करें।
- भगवान का अभिषेक- सबसे पहले भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि को पंचामृत से स्नान कराएं। पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद और शक्कर मिलाएं। इसके बाद शुद्ध गंगाजल से स्नान कराएं और साफ कपड़े से पोंछकर आसन पर विराजमान करें।
- श्रृंगार और तिलक- अब भगवान को रोली, चंदन का तिलक लगाएं। माता लक्ष्मी को लाल चुनरी ओढ़ाएं, चूड़ी, बिंदी, सिंदूर और इत्र अर्पित करें। भगवान गणेश को दूर्वा और लाल फूल चढ़ाएं। माता लक्ष्मी को कमल का फूल सबसे प्रिय है, इसलिए कमल का फूल जरूर चढ़ाएं।
- धन की पूजा- अब अपनी तिजोरी, बही-खाता, पर्स, सोने-चांदी के सिक्के, रुपये और नए खरीदे गए बर्तनों की पूजा करें। उन पर रोली और अक्षत लगाएं। धनिया के बीज, कमल गट्टा, कौड़ियां और गोमती चक्र भी माता लक्ष्मी के चरणों में अर्पित करें। मान्यता है कि धनिया खरीदकर पूजा में रखने से धन में 13 गुना वृद्धि होती है।
- भोग और आरती- भगवान को फल, मिठाई, बताशे, खील, खिलौने और मखाने का भोग लगाएं। इसके बाद घी का दीया जलाकर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और गणेश जी की आरती करें। आरती के समय घंटी और शंख बजाना शुभ माना जाता है।
- यम दीपक का महत्व- धनतेरस की शाम को घर के बाहर मुख्य दरवाजे पर यम के नाम का एक दीया जरूर जलाएं। इसे यम दीपक कहते हैं। इस दीये को दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जलाना चाहिए। मान्यता है कि इससे घर के सदस्यों पर अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
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धनतेरस पर क्या खरीदें और क्या न खरीदें (Dhanteras Ki Pooja Kaise Karen 2026)
Dhanteras Ki Pooja Kaise Karen 2026 धनतेरस पर सोना, चांदी, पीतल या तांबे का बर्तन खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन झाड़ू खरीदना भी माता लक्ष्मी को घर लाने के समान माना जाता है। धनिया, हल्दी की गांठ और कौड़ियां खरीदना भी शुभ है। लेकिन इस दिन लोहे की चीजें, कांच की चीजें, नुकीली वस्तुएं, काले रंग की चीजें और प्लास्टिक का सामान खरीदने से बचना चाहिए। मान्यता है कि इन चीजों को खरीदने से घर में नकारात्मक ऊर्जा आती है।
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धनतेरस पूजा के नियम (Dhanteras Ki Pooja Kaise Karen 2026)
Dhanteras Ki Pooja Kaise Karen 2026 पूजा करते समय मन को शांत रखें और पूरी श्रद्धा से पूजा करें। पूजा के दौरान मोबाइल का प्रयोग न करें। पूजा घर में उत्तर दिशा में ही करें। पूजा के बाद प्रसाद को सभी लोगों में बांटें। धनतेरस के दिन किसी को उधार न दें और न ही किसी से कर्ज लें। इस दिन घर में लड़ाई-झगड़ा नहीं करना चाहिए। शाम को पूरे घर में दीये जलाएं, घर में अंधेरा नहीं रहना चाहिए।
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धनतेरस का धार्मिक महत्व (Dhanteras Ki Pooja Kaise Karen 2026)
Dhanteras Ki Pooja Kaise Karen 2026 पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन के समय कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि को ही भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन को धन्वंतरि जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद का जनक माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा करने से परिवार को अच्छी सेहत और लंबी उम्र मिलती है।
Dhanteras Ki Pooja Kaise Karen 2026 वहीं एक अन्य कथा के अनुसार राजा हिम के पुत्र की कुंडली में विवाह के 4 दिन बाद ही मृत्यु का योग था। उनकी पत्नी ने धनतेरस की रात को घर के दरवाजे पर सोने-चांदी के गहने और दीये जलाकर रख दिए और पूरी रात जागकर गीत गाए। जब यमराज आए तो दीयों की रोशनी और गहनों की चमक से उनकी आंखें चुंधिया गईं और वे बिना प्राण लिए वापस लौट गए। तभी से धनतेरस पर यम दीपक जलाने और रात भर जागने की परंपरा शुरू हुई।
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Dhanteras Ki Pooja Kaise Karen 2026 धनतेरस सिर्फ खरीदारी का पर्व नहीं है, यह स्वास्थ्य, धन और समृद्धि का पर्व है। अगर आप इस बार पूरी विधि विधान से धनतेरस की पूजा करेंगे तो निश्चित ही माता लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहेगी और पूरे साल घर में धन-धान्य की कमी नहीं होगी।
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