Free Property Registry In MP-2026 मध्यप्रदेश सरकार ग्रामीण और शहरी आबादी क्षेत्रों में वर्षों से रह रहे लगभग 48 लाख परिवारों को उनकी जमीन और मकान का कानूनी मालिकाना हक मुफ्त में दे रही है
Free Property Registry In MP-2026 मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के 48 लाख गरीब और भूमिहीन परिवारों को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के विस्तार के तहत सरकार अब इन परिवारों को उनकी आवासीय भूमि का मालिकाना हक देगी। सबसे अहम बात यह है कि इन परिवारों से रजिस्ट्री के लिए एक रुपया भी नहीं लिया जाएगा। पूरा खर्च राज्य सरकार खुद उठाएगी।
Free Property Registry In MP-2026 मुख्यमंत्री ने सोमवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक के बाद इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि दशकों से सरकारी जमीन, आबादी भूमि या ग्राम पंचायत की जमीन पर रह रहे लोगों के पास कोई कानूनी दस्तावेज नहीं था। बैंक लोन नहीं मिलता था, बच्चे की पढ़ाई के लिए जमीन गिरवी नहीं रख सकते थे, और हर समय बेदखली का डर रहता था। अब यह डर खत्म होगा।
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जानिए क्या है पूरी योजना (Free Property Registry In MP-2026)
Free Property Registry In MP- यह है पूरी योजना:-
- किन्हें मिलेगा फायदा- यह योजना उन 48 लाख परिवारों के लिए है जो 31 दिसंबर 2020 से पहले से आबादी भूमि, सरकारी जमीन या नजूल भूमि पर मकान बनाकर रह रहे हैं। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ नगरीय निकायों की सीमा में बसी अवैध कॉलोनियों के रहवासी भी शामिल हैं। पट्टेधारी, वन अधिकार पट्टा धारक और पीएम आवास योजना के हितग्राही भी इस दायरे में आएंगे।
- कैसे होगी प्रक्रिया- राजस्व विभाग ड्रोन सर्वे के जरिए पहले ही 52 हजार गांवों की मैपिंग कर चुका है। अब हर जिले में विशेष कैंप लगाए जाएंगे। पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव और नगर निगम के कर्मचारी घर-घर जाकर दस्तावेज जुटाएंगे। परिवार को सिर्फ आधार कार्ड, समग्र आईडी और दो गवाह देने होंगे। सत्यापन के बाद 30 दिन के भीतर डिजिटल प्रॉपर्टी कार्ड और रजिस्ट्री दस्तावेज घर पहुंचा दिए जाएंगे।
- कितना खर्च बचेगा (Free Property Registry In MP-2026)- आमतौर पर 500 वर्गफीट के प्लॉट की रजिस्ट्री में स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क मिलाकर 8 से 15 हजार रुपये लग जाते हैं। सरकार ने इसे पूरी तरह माफ कर दिया है। अनुमान है कि इस फैसले से हर परिवार को औसतन 12 हजार रुपये की बचत होगी। पूरे प्रदेश में सरकार करीब 5760 करोड़ रुपये का वित्तीय भार उठाएगी।
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सरकार का तर्क गरीबी के दुष्चक्र को तोड़ना (Free Property Registry In MP-2026)
Free Property Registry In MP-2026 मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन का कागज सिर्फ कागज नहीं होता, वह गरीब की सबसे बड़ी पूंजी होता है। अब तक कागज न होने से परिवार बैंक से लोन नहीं ले पाते थे। बेटी की शादी, इलाज या छोटा बिजनेस शुरू करने के लिए साहूकारों से महंगा कर्ज लेना पड़ता था। अब मालिकाना हक मिलने के बाद ये परिवार अपनी प्रॉपर्टी पर मुद्रा लोन, पीएम स्वनिधि योजना या किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ ले सकेंगे।
Free Property Registry In MP-2026 सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की पूंजी का प्रवाह शुरू होगा। राजस्व मंत्री ने बताया कि पिछले 2 साल में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 6 जिलों में 4.2 लाख परिवारों को हक दिया गया था। वहां 67% लोगों ने प्रॉपर्टी कार्ड मिलने के बाद बैंक से लोन लेकर डेयरी, किराना दुकान या सिलाई का काम शुरू किया।
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कब तक पूरा होगा लक्ष्य (Free Property Registry In MP-2026)
Free Property Registry In MP-2026 सरकार ने इसके लिए 3 चरण की समयसीमा तय की है:-
चरण-1 जून से सितंबर 2026- 18 अति पिछड़े जिलों के 15 लाख परिवार। इनमें मंडला, डिंडोरी, अलीराजपुर, झाबुआ शामिल हैं।
चरण-2 अक्टूबर से दिसंबर 2026- 20 लाख परिवार। इसमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर की अवैध कॉलोनियां कवर होंगी।
चरण-3 जनवरी से मार्च 2027- बाकी 13 लाख परिवार।
पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के लिए CM डैशबोर्ड पर लाइव ट्रैकिंग होगी। हर हफ्ते कलेक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर समीक्षा की जाएगी।
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विपक्ष ने उठाए सवाल, सरकार का जवाब (Free Property Registry In MP-2026)
Free Property Registry In MP-2026 विपक्ष का आरोप है कि चुनाव से एक साल पहले की गई यह घोषणा सिर्फ वोट बैंक की राजनीति है। कांग्रेस ने कहा कि 2018 में भी ऐसे वादे हुए थे, पर जमीन पर काम नहीं हुआ।
Free Property Registry In MP-2026 इस पर राजस्व मंत्री ने जवाब दिया कि पिछली बार सिर्फ ड्रोन सर्वे हुआ था, कानूनी संशोधन नहीं हुए थे। इस बार मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 में धारा 162-क जोड़कर मालिकाना हक को कानूनी गारंटी दी गई है। इसे कोर्ट में भी चुनौती नहीं दी जा सकेगी।
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हितग्राहियों की जुबानी (Free Property Registry In MP-2026)
Free Property Registry In MP-2026 सीहोर जिले के ग्राम बकतरा में रहने वाली सुनीता बाई पिछले 40 साल से 600 वर्गफीट के मकान में रह रही हैं। पति मजदूरी करते हैं। सुनीता कहती हैं, “पहले पटवारी आता था तो डर लगता था कि कहीं उठाकर न फेंक दे। अब कागज मिलेगा तो बैंक से 50 हजार लोन लेकर भैंस खरीदूंगी।”
Free Property Registry In MP-2026 ग्वालियर की शांति नगर कॉलोनी में रहने वाले रमेश कुशवाह का कहना है, “3 बार रजिस्ट्री के लिए पैसे जोड़े, पर हर बार दलाल ज्यादा मांग लेता था। अब सरकार फ्री में कर रही है तो लगता है अपना घर सच में अपना हुआ।”
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योजना का लाभ लेने के लिए जरुरी दस्तावेज (Free Property Registry In MP-2026)
Free Property Registry In MP-2026 योजना का लाभ लेने के लिए जरुरी दस्तावेज इस प्रकार है:-
- परिवार के मुखिया का आधार कार्ड।
- समग्र परिवार आईडी।
- बिजली बिल या पानी का बिल यदि हो।
- दो पड़ोसियों के शपथ पत्र।
- पुराना कोई भी प्रमाण जैसे वोटर लिस्ट 2015 में नाम।
Free Property Registry In MP-2026 यदि किसी के पास कोई कागज नहीं है तो ग्राम सभा के प्रस्ताव के आधार पर भी हक दिया जाएगा।
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हेल्पलाइन और शिकायत (Free Property Registry In MP-2026)
Free Property Registry In MP-2026 सरकार ने टोल फ्री नंबर 1800-233-4455 जारी किया है। इसके अलावा MP e-District पोर्टल पर “स्वामित्व रजिस्ट्री” सेक्शन में ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। हर जिले में कलेक्टर कार्यालय में विशेष सेल बनाया गया है।
Free Property Registry In MP-2026 मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि अगर कोई कर्मचारी पैसे मांगता है तो उसकी सीधी शिकायत CM हेल्पलाइन 181 पर करें। दोषी पर तत्काल FIR और निलंबन की कार्रवाई होगी।
बॉटम लाइन (Free Property Registry In MP-2026)- 48 लाख परिवारों को मुफ्त रजिस्ट्री देने का यह फैसला मध्यप्रदेश के सामाजिक-आर्थिक इतिहास का सबसे बड़ा भूमि सुधार कार्यक्रम माना जा रहा है। अगर तय समय में लागू हुआ तो यह लाखों परिवारों को गरीबी के दुष्चक्र से बाहर निकालने का रास्ता खोल सकता है।
